Himachal Registration Compulsory For Passengers

हिमाचल की सीमाएं सील, बसों में आने वालों को भी कराना होगा पंजीकरण 

कोरोना महामारी के चलते हिमाचल प्रदेश में मंगलवार रात 10 बजे से नई बंदिशें लागू हो गईं है । प्रदेश की सीमाएं सील कर दी गई हैं। प्रशासन ने बैरियरों पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात भी कर दी हैं। 10 मई तक बाहरी राज्यों से आने वालों को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट लानी होगी, नहीं तो 14 दिन क्वारंटीन होना होगा। ऑनलाइन पंजीकरण भी अनिवार्य कर दिया गया  है, चाहे बाहरी राज्यों से बसों में ही क्यों न आ रहे हों।  नियम तोड़ने वालों पर एफआईआर दर्ज कर कानून के तहत कार्रवाई भी की जाएगी।

 नाके
सोलन जिले में बद्दी, बरोटीवाला, कालूझिंडा, नवांग्राव, भरतगढ़ व ढेरोंवाल, ऊना के मैहतपुर, रोहड़ू के कुड्डू, शिमला के चौपाल के फेडिज पुल बैरियर, कांगड़ा के कंडवाल और सिरमौर के बहराल, गोबिंदघाट, कुल्हाल और कालांअब में नाके लग गए हैं। अन्य जिलों में प्रशासन ने अपने स्तर पर भी नाके लगाए हैं। बिलासपुर में गरामोड़ा, टोबा, ग्वालथाई, दबट, सैलाघोड़ा, बहल समेत आठ जगह बैरियर लगाए हैं।

चार जिलों ऊना, सोलन, सिरमौर और कांगड़ा में रात्रि कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रहेगा। उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने मंगलवार को ऊना में प्रेस वार्ता में कहा कि जिले में प्रवेश करने वालों को कोविड ई-पास वेबसाइट पर पंजीकरण करवाना होगा। रात्रि कर्फ्यू के चलते दस बजे के बाद शादी समारोहों में जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रवेश से 14 दिन पूर्व वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने वाले भी क्वारंटीन नहीं होंगे। वहीं, 10 हजार से ज्यादा लोगों ने अब तक कोविड ई-पास के लिए आवेदन किया है।

जारी होने के 22 घंटे बाद लागू हो पाया सरकार का आदेश
जयराम सरकार के आदेशों को अफसर कितनी गंभीरता से लेते हैं, इसका अंदाजा इससे लगता है कि रात्रि कर्फ्यू और निगेटिव रिपोर्ट लाने के आदेश जारी होने के 22 घंटे बाद लागू हो पाए। सीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी किए कि सूबे में 27 अप्रैल की मध्यरात्रि से पंजीकरण कराए प्रवेश नहीं कर सकेगा। आदेश को 27 अप्रैल का पूरा दिन बीतने के बाद भी लागू नहीं किया जा सका। मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची ने सोमवार को आदेशों को लेकर अफसरों के बीच की असमंजस की स्थिति को दूर करते हुए मंगलवार से आदेश लागू करने के लिए कहा था।

कांगड़ा में सरकार के अधीन लिए आठ निजी अस्पताल
अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए बेड की कमी होने की आशंका को देखते हुए डीसी कांगड़ा ने जिले के आठ निजी अस्पतालों के 50 बेड से ऊपर की क्षमता वाले निजी अस्पतालों के 50 फीसदी बेड आरक्षित करने का निर्णय लिया गया  है। सरकार इसका भुगतान करेगी। डीसी कांगड़ा राकेश प्रजापति के आदेश के बाद सूर्या अस्पताल राजा का तालाब, श्री बालाजी अस्पताल कांगड़ा, हिमाचल हेल्थ केयर/फोर्टिस अस्पताल कांगड़ा, मेपल लीफ कांगड़ा, सिटी अस्पताल घुरकड़ी कांगड़ा, विवेकानंद मेडिकल इंस्टीट्यूट पालमपुर, नवजीवन अस्पताल ज्वालामुखी और डेलेक अस्पताल धर्मशाला को चुना है।

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